मैदा, नमक, चीनी के नुक़सान maida, namak, cheenee ke nukasaan

मैदा, नमक, चीनी के नुक़सान इन्हें दिखाए बाहर का रास्ता।


हमारी रसोई में मौजूद तीन सफेद जहर, जो सभी के रसोई में मौजूद है। अमीर हो या गरीब। हम इसका का इस्तमाल रोजाना कर रहे हैं। ईन तीनों खलनायक मे  नंबर एक मैदा, नंबर दो   चीनी और नंबर तीन नमक है। चलिए जानते हैं। इनके गम्भीर परिणाम।

मैदा खाने के नुक़सान।


मैदे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी  से पहले यह जानना है कि मैंदा बनता कैसे है? सबसे पहले जानते हैं।   मेदां भी गेहूं से ही बनाया गया है।


मैदा कैसे बनता है




  • जिस प्रकार आटे के लिए गेहूं को अच्छी तरह से साफ किया जाता है। उसी तरह मैदे के लिए भी सबसे पहले, गेहूं को अच्छी तरह से धो लिया जाता है। इसके बाद गेहूं की ऊपरी परत को हटा लिया जाता है। इसके बाद गेहूं के सफेद भाग को अच्छी तरह से खूब महीन पीस लिया जाता है बाद प्राप्त चिकना बिल्कुल महीन पाउडर प्राप्त होता है वहीं मैदा कहलाता है।



  • दोस्तों अब हम जानते हैं आटा इतना हेल्दी है इतने पोषक तत्व है फाइबर है तो आखिर मैदा बनाने की जरूरत क्यों पड़ी क्योंकि दोस्तों आटा बहुत ही जल्दी ही खराब हो जाता है। जबकि मैदा एक लंबे समय के लिए रख सकते है।






  • अब आइए हम जानते हैं कि मैदे से बनी हुई चीजें,  मेरे से बनने वाली चीजों में पास्ता  जिसे बहुत ही पसंद किया जाता है और विभिन्न तरीकों से बनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए कितना हानिकारक है। पेस्टरी, पिज्जा, कुकीज, समोसा, नान और पराठे आदि अनगिनत रेसिपी है जो मैदा से बनाई जाती है।
  • अगर आप खाते हैं तो आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं। मैदा किससे बनता है? एक ओर जहां गेहूं को स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है वहीं मैदे को इतना ख़तरनाक।


मैदा  vs आटा


  •  वही मैंदा खतरनाक इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मैदा बनाते समय गेहूं के ऊपरी छिलके को हटा दिया जाता है। जिसमें की भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, और उसे बाहर निकल दिया जाता है। ऐसे में गेहू के दाने मे किसी प्रकार का डाइटरी फाइबर नहीं रह जाता है।



  • इसीलिए जब कोई मैदे से बनी सामग्री का सेवन किया जाता है तो यह पूरी तरह से पच नहीं पाता है। सही से पाचन ना होने के कारण यह आतो में चिपक जाता है। और कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके सेवन से अक्सर कब्ज की समस्या, मोटापा, हड्डियों का कमजोर होना, डायबिटिज आदि गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।


मैदा धीमा जहर


  •  यह एक स्लो poisoning का काम करता है। जो हमे कुछ समय के बाद देखने को मिलता है। साथी मैदा बहुत अधिक मात्रा में तेल को सोखकर हानि पहुंचता है। और अधिक मात्रा में तेल के सेवन से भारी पन बना रहता है। ऐसे में कोशिश करे। कि मैदे से बनी चीजों का कम से कम हम सेवन करें। इसके साथ-साथ यह मोटापे को बढ़ाता है



मैदा साइड इफेक्ट्स



  • मैदा अधिक सेवन से  शरीर का वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। यही नहीं यह हमारे शरीर का कोलेस्ट्रॉल का लेवल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ाता है।  मैदे  मे पोषक तत्व नहीं रहते हैं। रहता है तो सिर्फ प्रोटीन वह भी हानिकारक । इसीलिए यह पेट के लिए हानिकारक या एक तरह से जहर का काम कर्ता है।



मैदा से कब्ज होने की शिकायत


  •  इससे कब्ज होने की शिकायत होती है।  मैदे में gluten होता जो एक प्रोटीन है है जो कि फूड एलर्जी को पैदा करता है। इसमें भारी मात्रा में gluten होता है जो खाने को लचीला जिससे पेट में गूदे की तरह जम जाता है। वहीं गेहूं के आटे में ढेर सारा फाइबर और प्रोटीन होता है। मैदा में से प्रोटीन निकल जाता है और इसमे सफेद बनाने के लिए बेंजोयल पराक्साइड डाला जाता है। जिससे यह एसिडिक बन जाता है और



  • मैदा अधिक सेवन हड्डियों मे कैल्शियम की कमी आने लगती है । इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। और नियमित रूप से मैदा  के सेवन से हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। और धीरे धीरे बीमारियाँ बढ़ने लगती है। इसके साथ-साथ मैदा से शुगर का लेवल तुरंत ही बढ़ जाता  है। ब्लड शुगर बढ़ने से खून में थक्का जमने लगता है।



  • मैदा अधिक सेवन  ब्लड शुगर बढ़ने  लगता है फिर इससे शरीर में केमिकल रिएक्शन की वज़ह से अनेक बीमारियाँ हमारे शरीर में घर बनाने लगती  है। इसी कारण से गठिया जेसे रोग और ह्रदय की बीमारियां होने लगती है यह आपको तुरंत नुकसान तो नही करेगा। यह एक धीमा जहर है। जो समय के साथ साथ परिणाम देगा।


स्किन कैंसर 


  • यूरोपियन कंट्रीज में बेंजोयल पराक्साइड  पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। क्योंकि इससे स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और आपके स्वास्थ्य पर कितने बुरे प्रभाव पड़ते है।



  • दूसरा नुकसान क्योंकि जब मैदा को बनाया जाता है तो उसमें से फाइबर निकाले जाते हैं।जिससे हमारे भोजन आसानी से नहीं पचता है। इसलिए यह पेट के लिए बहुत खराब होता है। क्योंकि इसमें बिल्कुल भी फाइबर नहीं होता। मैदे में glutan होता है। जो एलर्जी को पैदा करता है। आपने देखा होगा कि कई लोगों को इस प्रकार की एलर्जी रहती है।




  • मैदा खाने से या फिर ज्यादा मात्रा में मैदा खाने से आपको कई सारे रोग लग सकते हैं। अतः आप इसे कम से कम ही उपयोग करें और अपनी सेहत को बनाए रखें।


क्या मैदा स्वास्थ्य के लिए अच्छा है


  • इसलिए आटे को इतना हेल्दी माना गया है और इसका सेवन करने के लिए कहा जाता है। डाइटरी फाइबर ना होने की वजह से  मैदा पूरी तरीके से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है जिसकी वजह से कब्ज की प्रॉब्लम बहुत ज्यादा आम हो जाती है  और आपको पता ही है कि और हमारी बॉडी के लिए कितना खतरनाक हो सकता है इसलिए मना किया जाता है



  •  और बहुत सारी पेट संबंधित बीमारियां भी होती है तो आज देख लेते हम लोग मैदे से क्या-क्या नुकसान होता है।

अब जानते हैं कि मैदे से बनने वालीं चीजे जो आप तोर पर सेवन की जाती है हालांकि काफी पसंद भी की जाती है।

मैदा से बनता है पास्ता  जो हर किसी को बहुत पसंद आता है। 


  •  कुछ मामलों में इस में अंडे को भी मिलाया जाता है। इसे विभिन्न आकारों में या तो सूखे या ताजा बताते हैं कि अनुमान लगाया गया है कि कम से कम फीस विभिन्न पास्ता आकृतियों और किसको को 1300 से अधिक विभिन्न नामों से जाना जाता है। और सब मैदे से बनाये जाते हैं और आप बड़े चाव से खाते हैं।



चीनी खाने के नुकसान



  • मैदा की तरह चीनी से भी हमें नुकसान होता है। अगर चीनी के इतने नुक़सान है। तो इसके स्थान पर हम क्या खाए। आज के भारत में हर कोई किसी ना किसी तरह से चीनी का प्रयोग करता है। चाहे वह चाय के रूप में हो, या मिठाई के रूप में, चीनी से बनने वाले अनगिनत प्रोडक्ट बाजर मे उपलब्ध है।आयुर्वेद में यह एक धीमा जहर माना जाता है।


चीनी के स्थान पर  मिश्री और गुड़


  • चीनी की जगह पर हम क्या इस्तमाल करे। अन्य चीजों को इस्तमाल कर सकते है। जो मीठी भी है और स्वस्थ्य के लिए लाभदायक भी है। और तो और उसमे भरपूर मात्रा में पोषक तत्व भी है। तो क्यू ना चीनी के स्थान पर इनका इस्तेमाल करके हम स्वस्थ रहें।अगर आप अपने बुजुर्गों से पूछें कि आपने  चीनी कब से खाने शुरू लगे हैं तो यही कहेंगे। कि यह 40 सालों से जीवन का हिस्सा बन गया है। और अब तो जरूरी हो गई है। इससे पहले क्या खाते थे? तो इससे पहले या तो मिश्री होती थी या गुड़ होता था।



  • मगर एक साजिश के तहत गांव में गुड़ निकालना अंग्रेजी सरकार ने बंद कर दिया था और । सफेद दानेदार चीनी  जो शरीर के लिए बिल्कुल हानिकारक है और कई बीमारियों की जड़। पहले के लोग मिश्री को पीसकर या गुड़ से काम चला लिया करते थे। मगर आजकल मेहनत का समय किसके पास है। इसी तरह हम चीनी, मैदा, और नमक का सेवन करते हैं। और परिणाम गम्भीर बीमारियाँ।




चीनी खाने के नुकसान




  • तो तुरंत चीनी डालो और काम खत्म और उसके नतीजे आप सब देख ही रहे हैं किडनी और लिवर । काम करते-करते थक जाते हैं। तो उनकी उम्र और कार्य शक्ति तो कम होगी। चाहे तो स्वास रोग हो लीवर के रोग हो किडनी के रोग हो। मोटापा, शुगर हो ह्रदय रोग हो, और चाहे वह कैंसर हो, हर कोई व्यक्ति ने किसी ना किसी बीमारी का शिकार है तो क्या आप चाहते हैं कि आपकी आने वाली पीढ़ी भी इसका शिकार बने।


नमक के नुकसान



  • मैदा,और चीनी की तरह सफेद आयोडीन नमक खाने के नुकसान आज से करीब 40 साल पहले सरकार ने पश्चिम बंगाल के पांच जिलों मालदा जलपाईगुड़ी दार्जिलिंग मुर्शिदाबाद एवं नदिया को झींगा रोग से ग्रसित घोषित किया था और उन जिलों में आयोडीन युक्त नमक लोगों को जबरदस्ती लाया गया।



  • बिना आयोडीन वाले नमक की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जब विरोध में किसी ने कोई आवाज नहीं उठाई, तो उसकी कुछ साल बाद पूरे देश में बिना आयोडीन वाले नमक की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई, और पूरे देश की जनता को जबरदस्त आयोडीन युक्त नमक खिलाए जाने लगा।



आयोडीन नमक का प्रचार




  •  इसको राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया टीवी मीडिया हर जगह आयोडीन नमक का प्रचार कर दिया गया। आज तक बदस्तूर जारी है। जब आयोडीन युक्त नमक या आयोडीन किस वक्त सिर्फ उसी के लिए जरूरी है जिसे जिंगा रोग हुआ हो और जिसे एरो हुआ ही नहीं और अगर आयोडीन खाएगा तो उसके शरीर में उल्टा रोग जन्म लेगा और यही हमारे देश में हो रहा है।



नमक के नुकसान 



  • आज अधिकतर लोग जिंगा अर्थात थायराइड की समस्या से। और इस बात पर किसी का भी जान बिल्कुल नहीं गया। आमतौर से उपयोग में लाए जाने वाले समुद्री नमक से मैदा और चीनी की तरह, उच्च रक्तचाप डायबिटीज लकवा आदि गंभीर बीमारियों का भय भी बना रहता है।



  • सिर्फ आयोडीन के चक्कर में ज्यादा नमक खाना समझदारी नहीं है। क्योंकि आयोडीन हमें आलू, अरबी के साथ-साथ हरी सब्जियों से मिल जाता है तो ऐसे में क्या करें यहां फिर वही हमारी अर्जी जीवन सामने आ जाता है। अभी कौन सिंगर नमक का पत्थर लेकर आए और उसे खूंटी पीछे और उपयोग करें। अगर आप अपने बीवी बच्चों का अपने परिवार का भला चाहते हो तो एक काम आपको ही करना होगा





हेल्थी खाये और मैदा,नमक चीनी से दूर रहे 




  • अपनी डाइट में जंग फूड को हटाकर ऐसे, फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इसमें फाइबर हो इसके अलावा आप पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन कीजिए हम जानेंगे कि खाना नहीं पचने पर क्या करें तो आइए जानते हैं हरी सब्जियों का सेवन खाना हजम नहीं होता या खाना पचता नहीं है तो आपको अपने खान-पान में बदलाव करने की जरूरत है। आपको फास्ट फूड खाने की बजाय अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। जिससे आप बीमारियों से दूर रहेंगे और आयोडीन नमक की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।




  • सेवन करना चाहिए। इसमें फाइबर हो इसके अलावा आप पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन कीजिए, और नियमित रूप से बयान कीजिए। हम जानेंगे कि खाना नहीं पचने पर क्या करें। तो आइए जानते हैं हरी सब्जियों का सेवन खाना हजम नहीं होता या खाना पचता नहीं है तो आपको अपने खान-पान में बदलाव करने की जरूरत है। आपको फास्ट फूड, और मैदा से बनी चीजों से परहेज करने की जरूरत है। मैदा, और जंक फ़ूड खाने की बजाय अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। हरी सब्जियों को पोषण विशेषज्ञों द्वारा पोषक तत्व की सबसे सस्ते सूत्रों में से एक माना जाता है।



  • गर्भवती महिलाओं को आयरन से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन खासतौर पर करना चाहिए। यह सब्जी आसानी से पड़ जाती हैं और इन्हें खाने से पेट साफ रहता है।और मुख्य रूप से मैदा, नमक और चीनी से दूर रहें।


पोषक तत्व के लिए दही का सेवन करें।

  • दही कैल्शियम विटामिन B12 विटामिन B12 प्रोटीन पोटेशियम और मैग्नीशियम जबलपुर दही का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए या पेट की बीमारियों से परेशान होने वाले लोगों के लिए अच्छा माना जाता है।



  •  दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया के तौर पर जाने जाते जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। इससे ना केवल पेट को ठंडक मिलती है। बल्कि यह पाचन को भी बढ़ाने में मदद करता है



  •  कई बार खाना नहीं पचने के कारण पूरे दिन हमें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। और यह समस्या तभी आती है जब आप मैदा से बनी वस्तुए खाते हैं। बल्कि दिल और मधुमेह के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। आप इसका सेवन करके कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं। हेल्थी खाये और मैदा,नमक चीनी से दूर रहे क्योंकि इसमें  विटामिन ए फास्फोरस विटामिन सी जैसे पौष्टिक तत्व पाए नहीं जाते हैं।जेसे की दही मे होते हैं।

अपनी राय

वाकई में हमे अपनी रसोई से मैदा, नमक, और चीनी के नुक़सान को देखते हुए इसमे बदलाव लाने की जरूरत है। इनसे होने वाले गम्भीर परिणामों से हमे अवगत होना चाहिये। हम इसके बिना भी ज़िन्दा रह सकते हैं। पर इनका सेवन करने से हम जल्दी मर जरूर जाएंगे। और हजारों लाखों रुपये ईन बीमारियो मे खर्च कर देंगे, फिर भी ये बीमारियाँ हमे छोड़ने वाली नहीं है। जो हमे मैदा, चीनी, और नमक खाने पर उपहार मे मिलती है। आप भी अपनी राय और सुझाव हमे ईमेल और contact us के माध्यम द्वारा कर सकते हैं।








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